Vikram Batra Biography in Hindi । कैप्टन विक्रम बत्रा की जीवनी, कहानी, मूवी ,पुण्यतिथि

Vikram Batra Biography In Hindi :आपने आज तक बहुत से एक्टर ,एक्ट्रेस  बॉलीवुड सेलिब्रिटी और बड़े-बड़े बिजनेसमैन  के जीवन परिचय को पढ़ा होगा । लेकिन हम लोग कभी उन लोगों के नाम याद नहीं रहते जो सरहद पर वीरता और साहस के साथ लड़ते हुए देश के लिए शहीद हो गये । Vikram Batra Biography In Hindi में आप एक ऐसे वीर रियल लाइफ के हीरो के बारे में पढ़ेंगे ।

हम एक ऐसे ही वीर जवान की जीवन की प्रेरणादायक कहानी के बारे में बात करने जा रहे हैं अपने इस पोस्ट के माध्यम से जिन्होंने कारगिल के युद्ध में अपने सर्वोच्च नेतृत्व के चलते , भारतीय आर्मी का नाम भी रोशन किया।

Vikram Batra Biography In Hindi कैप्टन विक्रम बत्रा की जीवनी

कैप्टन विक्रम बत्रा जन्म एवं परिवार

कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर गांव में हुआ था। कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता जी सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल के पद पर थे । वहीं उनकी मां भी स्कूल टीचर थी।

Vikram Batra Biography In Hindi कैप्टन विक्रम बत्रा शिक्षा 

कैप्टन विक्रम ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल से पूरी की उसके बाद केंद्रीय विद्यालय में आगे की पढ़ाई पूरी की । वे अपने कॉलेज के दिनों से ही बहुत एक्टिव थे जिसके चलते उन्होंने एनसीसी एयर विंग में शामिल होकर पिंजौर एयरफील्ड और फ्लाइंग क्लब में 40 दिनों का प्रशिक्षण हासिल किया था। जब उनको प्रशिक्षण के लिए चुना गया था । तब उस समय उन्होंने सी सर्टिफिकेट के लिए क्वालीफाई कर दिखाया था । जिस कारण उन्हें एनसीसी में कैप्टन के रूप में उन्हें जगह मिला था ।

कैप्टन विक्रम बत्रा सेना में शामिल Vikram Batra Biography In Hindi

जब साल 1994 में  उन्हें गणतंत्र दिवस की परेड में भाग लेने का मौका मिला । तब उन्होंने भारतीय सेना में शामिल होने की अपनी इक्छा के बारे में अपने माता और पिता को बताया । उन्हें साल 1995 में अपने कॉलेज के दिनों के दौरान उन्हें हांगकांग के मुख्यालय वाली शिपिंग कंपनी ने मर्चेंट नेवी के रूप में चुन लिया था , लेकिन उन्होंने उसे ज्वाइन नहीं किया । बाद में वे भारतीय सेना में शामिल हुए ।

अपने कॉलेज की पढ़ाई के समय में एमए करने के लिए उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया ,जो की चंडीगढ़ में मौजूद है । वे उस समय से कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज की परीक्षा की तैयारी में जुट गए। पढ़ाई के साथ ही उन्होंने पार्ट टाइम जॉब के रूप में ट्रैवल एजेंसी ज्वाइन की , जिसमे उन्होंने ब्रांच मैनेजर के रूप में उन्होंने काम किया।

CDS की परीक्षा उन्होंने 1996 में दी जिसके बाद उनका इलाहाबाद के सेवा चयन बोर्ड में उनका चयन हो गया। वहां पर कुल 35 उम्मीदवारों का चुनाव हुआ था जिनमें से 1 नाम विक्रम बत्रा का भी था। देश के प्रति देशभक्ति इतनी अधिक थी कि उन्होंने कॉलेज छोड़कर भारतीय सैन्य अकादमी ज्वाइन कर लिया।

कैप्टन विक्रम बत्रा करियर

IMA मैं सन 1996 में कैप्टन विक्रम बत्रा शामिल हो गए। जिसके बाद साल 1997 के 6 दिसंबर को उन्होंने अपने 19 महीने की ट्रेनिंग पूरी कर लिए । जिसके बाद उन्होंने IMA से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उनका प्रशिक्षण पूरा हो जाने के बाद उन्हें जम्मू और कश्मीर राइफल्स में लेफ्टिनेंट के रूप में 13वीं बटालियन के साथ उन्हें नियुक्त किया गया।

कैप्टन विक्रम बत्रा पोस्टिंग

उन्हें जम्मू कश्मीर के  बारामूला जिले, जम्मू और कश्मीर के सोपोर में उनकी पोस्टिंग के तौर पर भेजा गया । बाद में उन्हें यंग ऑफिसर कोर्स पूरा करने के लिए 5 महीने की अवधि के लिए इन्फेंट्री स्कूल Mhow भेज दिया गया। जिसके बाद उन्हें ग्रेडिंग से सम्मानित कर वापस उनके पोस्टिंग वाले बटालियन में भेज दिया गया ।

कैप्टन विक्रम बत्रा मंगेतर, गर्लफ्रेंड Vikram Batra Biography In Hindi

कारगिल युद्ध से पहले होली में अपने छुट्टियों के दौरान वे अपने घर गए थे । उस समय वे अपनी मंगेतर डिंपल चीमा से अपने फेवरेट कैफे में मिले थे । डिंपल को विक्रम की बहुत ज्यादा चिंता हो रही थी और वे विक्रम को कारगिल युद्ध के दौरान अपना ध्यान रखने के लिए कह रही थी । तब उस समय उस वीर के मुंह से बस यही निकला कि या तो मैं अपनी जीत का तिरंगा लहराता हुआ आऊंगा या फिर उस तिरंगे में अपनी आंख मूंदे लिपट कर आऊंगा।

कैप्टन विक्रम बत्रा कारगिल युद्ध में योगदान

 20 जून 1999 को कमांडर डेल्टा कंपनी के कैप्टन विक्रम बत्रा को प्वाइंट 5140 पर ऑपरेशन VIJAY के दौरान हमला करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी । पूर्व दिशा से अपनी पूरी कंपनी के साथ कैप्टन विक्रम बत्रा , शत्रु के बिना भनक लगे ही उन पर हमला कर दिया और शत्रु के क्षेत्र में अंदर घुस गए। वे अपने दस्ते को पुनर्गठित करके वह दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने के लिए पहुंच गए।

तब उस समय कैप्टन विक्रम अपने दस्ते को नेतृत्व कर रहे थे । सबसे पहले बड़ी निडरता के साथ शत्रु के क्षेत्र में पहुंचकर उन पर हमला करते चले गए। हमले के दौरान उन्होंने 4 शत्रु को मार गिराया। जिस क्षेत्र में शत्रु थे वह क्षेत्र बेहद दुर्गम होने के बावजूद भी उन्होंने शत्रुओं का नाश कर उनके रेडियो स्टेशन पर जाकर अपनी विजय का उद्घोष कर दिया था ।

कैप्टन विक्रम बत्रा की बहादुरी के बाद उन्हें 7 जुलाई 1999 को पॉइंट 4875 की छोटी को कब्जे में लेने का अभियान शुरू करने का निर्देश दिया गया । यह अभियान को भी विक्रम और उनकी टुकड़ी को पूरा करने के लिए सौंपा गया। इस अभियान को पूरा करने वाला रास्ता भी बड़ा दुर्गम था , क्योंकि वहां पर दोनों तरफ खड़ी ढलान थी और एकमात्र रास्ता था जहां पर शत्रुओं ने पूरी तरह से नाकाबंदी कर रखी थी। इसके बावजूद भी संकरे रास्ते से होते हुए कैप्टन अपने पूरे जोश और दस्ते को लेकर शत्रु के ठिकाने पर पहुंचकर आक्रमण किया । उस आक्रमण के दौरान पॉइंट ब्लैक रेंज में पांच शत्रुओं को विक्रम बत्रा और उनकी टीम ने मार गिराया था ।

कैप्टन विक्रम बत्रा बलिदान, निधन, पुण्यतिथि

कारगिल युद्ध के दौरान विक्रम बत्रा को काफी गहरे जख्म आए ,अपने गहरे जख्मों के कारण और भारी गोलीबारी की वजह से उन्होंने युद्ध क्षेत्र में उसी स्थान पर अपने प्राण त्याग दिए थे। इस तरह वे एक वीर जो की युद्ध की भूमि में ही वीरगति को प्राप्त हुए , परंतु जब तक अपनी आखिरी सांस चली तब तक देश के लिए लड़ते रहे।

कैप्टन विक्रम बत्रा बनी फिल्म Vikram Batra Biography In Hindi

2013 में बनी फिल्म एलओसी कारगिल को आपने देखी होगी । यह फिल्म पूरी तरह कारगिल संघर्ष पर आधारित थी। इस फिल्म को बॉलीवुड की तरफ से रिलीज किया गया जिसमें अभिषेक बच्चन द्वारा विक्रम बत्रा के महत्वपूर्ण किरदार की अहम भूमिका निभाई गई थी।

कैप्टन विक्रम बत्रा सम्मान 

2019 में विक्रम बत्रा को सम्मानित करते हुए दिल्ली में स्थित मकबरा चौक और उसके फ्लाईओवर का नाम बदलकर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा रख दिया गया था ।

चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज में विक्रम बत्रा के साहस और बलिदान की वजह से उनके नाम पर एक इमारत बनाई गई थी।

IMA में भी एक मेस का नाम विक्रम बत्रा के सम्मान में उनके नाम पर मेस का नाम रख दिया गया।

पॉइंट 4785 पर विक्रम बत्रा और उनकी टीम ने कब्जा किया था जिसके बाद ऐतिहासिक रूप से इस पहाड़ को बत्रा टॉप का नाम दिया गया था ।

कैप्टेन विक्रम बत्रा पुरस्कार एवं उपलब्धियां

उन्हें मरणोपरांत भारत सरकार द्वारा परमवीर चक्र से सम्मानित किया। उनके युद्ध कौशल और देश के प्रति अपने प्राण निछावर करने के लिए ।

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