महाभारत किसने लिखी (Mahabharat kisne likhi thi)

Mahabharat kisne likhi thi : महाभारत इस दुनिया का सबसे बड़ा ग्रंथ है ,बहुत से लोगों ने महाभारत टेलीविजन पर धारावाहिक के रूप में भी देखा होगाऔर बहुत से लोगों ने इसको पढ़ भी होगा लेकिन क्या आप जानते हैं की महाभारत को किसने लिखा था (Mahabharat Kisne Likha) ? यदि नहीं तो आप बिल्कुल सही पोस्ट पर आए हैं इस पोस्ट पर हम आपको महाभारत से जुड़ी सभी जानकारी देंगे जिससे आपको मालूम पड़ेगा महाभारत क्या है महाभारत क्यों हुआ था और महाभारत को किसने लिखा है।

Mahabharat Kisne Likha

महाभारत किसने लिखा (Mahabharat kisne likhi thi)

महाभारत (Mahabharat Kisne likha) को महर्षि वेदव्यास ने लिखा था महाभारत को लिखे जाने की कहानी बड़ी ही रोचक है , ऐसा कहा जाता है महर्षि वेदव्यास ने हिमालय के गुफाओं में रहकर महाभारत ग्रंथ की रचना की थी ,ऐसा कहा जाता है की महर्षि वेदव्यास का मानना था महाभारत जो कि इतना बड़ा ग्रंथ है दुनिया का सबसे बड़ा ग्रंथ है इतने बड़े ग्रंथ को बिना की किसी त्रुटि के लिखना संभव नहीं है इसके लिए महर्षि वेदव्यास भगवान ब्रह्मा जी के पास गए और उनसे इस बात की मदद मांगी कि इतने बड़े ग्रंथ का निर्माण बिना किसी त्रुटि के हो सके तो भगवान ब्रह्मा ने उनको भगवान गणेश के पास जाने का निर्देश दिया।

महर्षि वेदव्यास उसके बादब्रह्मा जी के पास से भगवान गणेश जी के पास है और तब भगवान गणेश ने महाभारत को लिखनेके लिए सहमति जताई लेकिन महर्षि वेदव्यास ने उनके सामने एक शर्त रख कर दिया था कि महाभारत कितना बड़ा भी ग्रंथ क्यों ना बने वह एक बार में ही लगातार लिखा जाएगा मतलब वह लगातार बोलते रहेंगे महाभारत के विषय में और आपको लगातार महाभारत के विषय में लिखना पड़ेगा और जहां पर आप लिखना बंद कर देंगे वहां से फिर आप दोबारा नहीं लिखेंगे।

भगवान गणेश ने उनकी इस बात को मान लिया और इसके बाद महर्षि वेदव्यास लगातार महाभारत के ग्रंथ तो बोलते रहे और भगवान गणेश उनको लिखते रहे क्योंकि आप सभी जानते हैं की महाभारत की लड़ाई 18 दिन तक चली थी जिसमें लाखों करोड़ों की संख्या में लोग मारे गए थे यह लड़ाई करो और पांडवों के बीच में हुई थी।

Mahabharat kisne likhi thi

महाभारत क्‍यों हुई थी?

यह लड़ाई कौरव और पांडवों के बीच में हुई थी जिसमें भगवान श्री कृष्ण की सेवा कौरवों की तरफ से लड़ी थी और स्वयं भगवान श्री कृष्णा इस युद्ध में अर्जुन के साथ सारथी के रूप में थे ,इस लड़ाई के अनेक कारण है जिनमें से प्रमुख यह है कि कौरवों ने पांडवों को पांच गांव देने से मना कर दिया था जिसके कारण यह लड़ाई हुआ लेकिन अनेक विद्वानों का अलग-अलग मत है महाभारत होने के कई कारण थे जिनमें मुख्य रूप सेपांच गांव की मांग और कौरवों का इनकार है।

इस लड़ाई का दूसरा कारण यह भी बताया जाता है कि द्रौपदी ने  राजकुमार दुर्योधन को अंधे का पुत्र कहा था जिसके कारण दुर्योधन के मन में अपनी हुई बेजती काबदलालेने का भाव था जिस कारण दुर्योधन अपने  मामा के साथ पांडवों को जुओं के खेल में हरा देता है और पांडव अपना धन महल सब हारने के बाद अपनी पत्नी द्रोपदी को दाव पर लगा देते हैं जिसके कारण उनका चीर हरण दुर्योधन बदला लेने के भाव से भरे सभा में करता है लेकिन भगवान श्री कृष्णा द्रोपदी की विनती और पुकार सुन लेते हैं और उनकी रक्षा करते हैं तो महाभारत के युद्ध होने का मुख्य कारण में से यह भी एक है।

बहुत से लोगों का मानना यह भी है कि दुर्योधन के मामा शकुनी अपने राज्य और अपने प्रियजनके तबाही को बदला लेने के लिए दुर्योधन को शुरू से ही गलत रास्ते पर लेकर चला जिससे कि दुर्योधन और समस्त कौरवों का आगे भविष्य में चलकर नाश हुआ , शकुनि के साथ ही साथ समस्त कौरवों का महाभारत के लड़ाई में नाश हुआ ऐसा भी कहा जाता है कि ऐसा भी कहा जाता है कि शकुनि के पास जो पाशा था जिसे वह जुआ का खेल में इस्तेमाल करता था वह चमत्कारी था ,उसके पिता की द्वारा शकुनी को वरदान था की वो अपने चाल के हिसाब से उसे पाशा पर वही अंक दिखाई देता था जो वो खुद चाहता था।

इस कारण से लोगों का मानना है कि शकुनि ने महाभारत जान कर ही करवाया था, उसका दुर्योधन को गलत रास्ते पर लेकर जाना यह सब पहले से तय करके रखा था ऐसा करके सपने अपने राज्य अपने प्रियजन और अपने पिता और अपनी बहन से जुड़े तमाम गुस्सा नफ़रत जो की भीष्म पितामह और उनके खानदान के साथ था वह इन लोगों से महाभारत के लड़ाई के रूप में लिया।

अनेक विद्वानों का ऐसा भी मानना है कि शकुनि ने जानबूझकर कौरवों की समाप्ति के लिए दुर्योधन को बहला कर अपने साथ रखा और आगे चलकर महाभारत जैसी बड़े लड़ाई करवाया जिसमें कौरवों की हार हुई पांडवों के जीत हुई और कौरवों की सेना के सभी मुख्य योद्धा  करण जिम दुर्योधन ,शकुनी ,दुर्योधन के समस्त भाई ,दुर्योधन के समस्त मित्र गण यह सभी लोग इस लड़ाई में मृत्यु को प्राप्त हुए,पांडवों की तरफ से अर्जुन का पुत्र अभिमन्यु की मृत्यु को प्राप्त हुए।

निष्कर्ष :

इस पोस्ट को पढ़कर आपको मालूम चल गया होगा महाभारत क्यों हुआ था और महाभारत को किसने लिखा था (Mahabharat kisne likhi thi) आशा करते हैं कि मेरे द्वारा दी हुई जानकारी आपको पसंद आएगी और आप हमसे हमारे टेलीग्राम और गूगल न्यूज के माध्यम से हम से जुड़ेंगे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका दिल से धन्यवाद !!!


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