Kho Kho Rules in Hindi - खो-खो खेल के नियम

Kho Kho Rules in Hindi – खो-खो खेल के नियम

Kho Kho Rules IN HINDI- क्या आप खो खो खेल के बारे में जानते है? अरे! जानते कैसे नहीं है?, क्योकि खो खो खेल का सम्बन्ध ही भारत है, और अगर आप भारत के महाराष्ट्र राज्य में रहते है तो इस बिल्कुल की इस खेल से परिचित है। अगर आप महाराष्ट्र के निवासी नहीं है या होते हुए भी खो खो खेल के बारे में नहीं जानते, तो फ़िक्र मत कीजिये इस लेख में हम आपको खो खो खेल क्या है? और इसके साथ ही Kho Kho Rules IN HINDI या ऐसे कहे की खो- खो खेल के नियम के बारे में बताने वाले है।

Kho Kho Rules in Hindi - खो-खो खेल के नियम
Kho Kho Rules in Hindi – खो-खो खेल के नियम

तो यदि आप इसी विषय को जानने के इच्छुक है, तो आप एकदम सही जगह पर आये है, यहाँ आपको खो खो खेल के बारे में सम्पूर्ण रूप से जानकारी दी जाएगी इसके साथ ही आपको इस Kho Kho Rules in Hindi के बारे में भी बताया जायेगा। सम्पूर्ण जानकारी लेने के लिए इस लेख के साथ अंत तक जुड़े रहिये।

खो-खो खेल क्या है?

खो खो (KHO KHO IN HINDI) एक भारतीय प्राचीन खेल है जों की एक फिजिकल गेम है और इस खेल को खेलने से शरीर की खूब कसरत होती है इसके साथ ही शरीर फुर्तीला भी हो जाता। तो अगर आप ये सोचते है की केवल क्रिकेट या फिर फुटबॉल खेलने से शरीर फुर्तीला रहता है तो आप गलत है.. जिस प्रकार क्रिकेट और फुटबॉल खेलने से शरीर स्वस्थ और एक्टिव रहता है, उसी प्रकार खो-खो खेलने से भी शरीर एक्टिव रहता है।

खो-खो खेल का इतिहास (Kho-Kho Game History in Hindi)

अबतक हमने जाना है की खो खो खेल क्या है? अब हम आपको बताते है की खो खो खेल का इतिहास कितना पुराना है साथ ही ये भी बताएँगे की खो खो का भारत और भारत के महाराष्ट्र से क्या सम्बन्ध है?

तो खो खो खेल का विकास या फिर कहे तो उद्धभव महाराष्ट्र के पुणे से हुआ था। जों की सन् 1914 में अखिल महाराष्ट्र शारीरिक शिक्षा मंडल के द्वारा की गयी और तब से लेकर आज तक इस खेल की लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है। इस खेल की लोकप्रियता का मूल्यांकन आप इस बात से कर सकते है की आजकल लगभग हर एक स्कूल के खो खो खेल बच्चों को सिखाया और खेलाया जाता है। वहीं बात करे इस खेल की प्रथम प्रतियोगिता की तो वे कुछ इस प्रकार है –

• प्रथम खो-खो खेल प्रतियोगिता (पुरुष) :- 1960 ई.

• प्रथम खो-खो खेल प्रतियोगिता (महिला) :- 1961 ई.

वहीं इन प्रथम प्रतियोगिताओ को क्रमशः विजयवाड़ा और कोल्हापुर में आयोजित किया गया था। अर्थात पुरुष प्रतियोगिता को विजयवाड़ा वहीं महिला प्रतियोगिता को कोल्हापुर में आयोजित किया गया था।

आईये कुछ और, इस खेल के इतिहास से आपको रूबरू  कराते है –

• खो खो खेल में प्रथम अर्जुन पुरुस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ी :- सुधीर भास्कराव (1970 ई.)

•  खो खेल में प्रथम पुरुस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ी :- गोपाल पुरुषोत्तम फड़के (सन् 2000)

•  खो खो फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया (KKFI) की स्थापना :- सन् 1955 में।

•  KKFI का मुख्यालय (HC) :- दिल्ली।

•  एशियन खो खो फ़ेडरेशन (AKKF) की स्थापना :- 1987 ई.

•  पहला एशियन खो खो चैंपियनशिप :- सन् 1996।

खो-खो खेल के बारे में कुछ अन्य जानकारी (Some Other Information About Kho-Kho Game):-

• खो-खो खेल का ग्राउंड 27 मीटर लम्बा और 16 मीटर चौड़ा होता है।

• ग्राउंड के प्रत्येक कॉर्नर से 1.5 मीटर की दुरी पर Free Zone Area होता है। फ्री जोन एरिया में खेल नहीं होता है।

• फ्री जोन एरिया को छोड़कर 8 लाइन्स खींचे जाते है जिनमें प्रत्येक की बीच की दुरी 2.5 मीटर होती है।

• 8 लाइन्स के के दोनों एन्ड में 1-1 पोल्स होते है जिनमें रनर अपनी दिशा बदल सकता है।

• प्रत्येक खिलाड़ी के जर्सी नंबर 1-12 तक होता है।

खो- खो खेल के नियम (Kho Kho Rules in Hindi)

चलिए अब आपको विस्तार से Kho Kho Rules IN HINDI / Rules of Kho Kho in Hindi के बारे में बताते है इसके लिए हमने आपके लिए पॉइंट्स बनाकर रूल्स को बताने का प्रयत्न किया है चलिए उन्हें जानते खो- खो खेल के नियम क्या है –

1. इस खेल में टोटल 2 टीम्स होते है।

2.  दोनों टीम्स में प्रत्येक टीम के पास 12 -12 खिलाडी होते है जिनमें से हर टीम में केवल 9-9 ही मैदान में खेलते है बाकि 3-3 प्लेयर (दोनों टीम से) बाहर रहते है।

3. दोनों टीम के कप्तान होते है। और फिर इनमे बीच टॉस कराकर फैसला लिया जाता है की कौन चेस करेगा और कौन डिफेंड। मतलब की कौन सा टीम भागेगा और कौन सा टीम उसे पकड़ेगा।

4. टॉस जितने वाला कप्तान अपना फैसला इशारो में बताता है की वह क्या करेगा।

5. अब जों पकड़ने वाली टीम होती है वो मैदान में रेखाओ में बैठती है, और इस प्रकार बैठते है की भागने वाले खिलाड़ी को कोई रूकावट ना हो।

6. अब जों पकड़ने वाली टीम होती है उसका भागता हुआ रनर, किसी बैठे हुए खिलाड़ी के पीछे जाकर ऊंची आवाज़ में उसे “खो” देता है, और बैठा खिलाड़ी तुरंत पकड़ने के लिए भागने लगता है।

7. कोई भी बैठा हुआ खिलाड़ी बिना ‘खो’ लिए उठकर भाग नहीं सकता।

8. खो मिलने के बाद वह खिलाड़ी उठकर भागता है और उसकी जगह पर “खो” देने वाला खिलाड़ी बैठ जाता है।

9. जों खिलाड़ी खो लेकर पकड़ने के लिए भागता है वो जिस दिशा में मुड़कर बैठता है उसी दिशा में भागता है और अगर सीधे बैठा हुआ हो (किसी भी दिशा में न मुड़कर) तो वह अपनी दिशा का चयन स्वयं कर सकता है।

10. पकड़ने वाला खिलाड़ी अपनी दिशा तब तक नहीं बदल सकता जब तक वह किनारे के किसी पोल तक नहीं पहुंच जाता है।

11. खेल के दौरान भागने वाला खिलाड़ी नियम के अनुसार सीमा से बाहर जा सकता है।

12. कोई भी रनर बैठे हुए खिलाड़ी को छू नहीं सकता है।

रनर के दोनों पाव अगर सीमा से बाहर चले जाये तो वह out होगा।

13. दिशा ग्रहण करने के बाद सक्रिय खिलाड़ी दोबारा से क्रॉस लाइन पर धावा बोल सकता है और इसे फाउल (एक प्रकार की पेनाल्टी) भी नहीं माना जाता है।

14. रनिंग टीम के खिलाड़ी को इनिंग शुरू होने से पहले या इनिंग के बाद ही बदला जा सकता है।

15. खो खो खेल में चोट ग्रस्त खिलाड़ी के लिए यह नियम बनाया गया है की अगर कोई प्लेयर खेलते वक्त चोटिल हो जाये तो उसे 2 मिनट का रेस्ट दिया जायेगा और उसके बदले कोई दूसरा प्लेयर खेलेगा। और 2 मिनट बाद फिर पुराने प्लेयर से नया प्लेयर रिप्लेस हो जायेगा।

16. अगर कोई खिलाड़ी खराब बर्ताव करता है (जैसे धक्का देना, खींचना, जानबूझकर गुस्सा दिलाना इत्यादि ) तो उसके टीम या फिर उसपर पेनालिटी लग सकती है।

Kho Kho Khel Ke Niyam

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FAQs : Kho Kho Khel Ke Niyam in Hindi

Q- खो खो मैच का टाइम कितना होता है?

Ans- सभी मैच में चार पारियों में खेला जाता है। प्रत्येक पारी 7 मिनट की होती है। सभी खेलने वाली टीम 2 पारियों में बैठती है तथा दो पारियों में भागती है। जैसा हम जानते बैठने वाले टीम के खिलाड़ी मेजर और भागने वाले खिलाड़ी रनर कहलाते हैं।

Q- एक रनर के आउट होने पर कितने अंक मिलते हैं?

Ans- दौड़ने वाले टीम के प्रत्येक रनर के out होने पर 1 अंक मिलेगा।

Q – खो खो में कितने पोल होते हैं?

Ans- किसी भी खो खो खेलने वाले ग्राउंड के दोनों किनारों पर 2 पोल लगाए जाते हैं। ये जो पोल होते है उनकी उचाई 120cm होती है।

निष्कर्ष (Conclusion) :-

इस लेख में हमने लोकप्रियता की ओर बढ़ते जा रहे एक खेल को आपसे परिचित करवा दिया है। इस लेख में हमने आपको Kho Kho Rules in hindi / Kho Kho Khel Ke Niyam और इससे सम्बंधित जानकारी के बारे में बताया है। खो खो एक भारतीय खेल है इसीलिए इसे बढ़ावा देना हम भारतीयों की जिम्मेदारी होती है। आशा करते है आपको इस लेख में दी गयी जानकारी अच्छी लगी होगी।

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